
गर्मी में बढ़ा संकट,लखनऊ में 1700 मेगावाट पार मांग, कई क्षेत्रों में बिजली गुल
लखनऊ
भीषण गर्मी में बिजली कटौती कोढ़ में खाज बनती जा रही है। सोमवार को शहर से गांव तक विभिन्न इलाके के लोग बिजली संकट से जूझे। सबसे ज्यादा परेशानी अंबेडकर उपकेंद्र से आपूर्ति पाने वाले इलाके लोगों को हुई। इन्हें करीब 20 घंटे तक बिन बिजली-पानी गुजारा करना पड़ा। इसके अलावा जिले की करीब एक लाख की आबादी ने दो से 10 घंटे तक बिजली संकट झेला।
अंबेडकर उपकेंद्र के पंचमखेड़ा, चरण भट्ठा रोड, रॉयल सिटी सहित आसपास के उपभोक्ताओं ने बताया कि बीते रविवार रात 11 बजे 100 केवीए के ट्रांसफार्मर से एक फेज की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराई गई मगर रात को समस्या का समाधान नहीं किया। इसके विरोध में यहां के लोगों ने ट्रांसफार्मर के पास हंगामा और प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि आबादी बढ़ने के बाद भी यहां ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई। इससे आए दिन ट्रांसफार्मर ओवरलोड होता है और जंपर उड़ने की घटनाएं होती हैं।
लोगों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर सुबह 11 बजे के बाद 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई जो सोमवार रात 8 बजे के बाद पूरी हो सकी। रविवार रात से सोमवार रात तक करीब 20 घंटे तक 700 से ज्यादा लोग बिन बिजली छटपटाते रहे और जिम्मेदार अपनी ही रफ्तार से काम करते रहे। 40 डिग्री तापमान में परिवार के लोगों को बिजली नहीं मिली, उल्टे दूर से पेयजल के लिए 100 मीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। एसडीओ महेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से अब लोगों को राहत मिलेगी।
50 हजार की आबादी बिजली को तरसी
काकोरी। एफसीआई उपकेंद्र के बुद्धेश्वर, नरौना, वादर खेड़ा, सलेमपुर पतौरा और शांति नगर कॉलोनी की 50 हजार की आबादी सोमवार को सुबह से तीन राउंड बिजली को तरस गई। एसडीओ संदीप वर्मा ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से 21 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। इसके बाद लाइन व पावर ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने के कारण सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद नई लाइन को उपकेंद्र से जोड़ने के लिए शाम को भी बिजली आपूर्ति को बंद किया गया था। नई लाइन के चालू होने से ओवरलोडिंग की समस्या हल होगी और संकट दूर होगा।
मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार
प्रचंड गर्मी के चलते राजधानी में सोमवार को बिजली की मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार कर गया। 10 दिन के भीतर बिजली की मांग में करीब 500 मेगावाट की बढ़ोतरी हो चुकी है। बिजली की यह मांग एसी, कूलर आदि के इस्तेमाल बढ़ने से हुई है।
तारीख खपत (मेगावाट)
18 अप्रैल 1425
19 अप्रैल 1443
20 अप्रैल 1546
21 अप्रैल 1552
22 अप्रैल 1595
23 अप्रैल 1600
24 अप्रैल 1625
25 अप्रैल 1655
26 अप्रैल 1660
27 अप्रैल 1705
इन इलाकों में भी रहा बिजली संकट
– राजाजीपुरम के मीना बेकरी के पास सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक।
– नादरगंज, सैनिक विहार, नटकुर सहित 20 गांव में सुबह से रात तक व्यवधान।
– माल में अनुरक्षण कार्य के कारण कस्बे व 150 गांवों की बिजली बंद रही।
– यहियागंज, नादान महल रोड, बावर्ची टोला में बिजली की आंखमिचौली चली।
– नक्खास बाजार, खोखी टोला में एक फेज बिजली न आने से 200 दुकानें प्रभावित।
– जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, इंदिरानगर में आपूर्ति बंद रही।
– आशियाना, कानपुर रोड, आलमबाग, चारबाग, हुसैनगंज में बिजली को तरसे लोग।
इन इलाकों में आज रहेगा संकट
राजधानी के कई इलाकों में मंगलवार को सुधार कार्य के कारण बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। जीपीआरए उपकेंद्र के आदिल नगर, जानकीपुरम गार्डन, सेक्टर-जे, मिश्रपुर, रसूलपुर, गुडंबा, फूलबाग, नहर रोड, तिवारी चौराहा, गायत्रीपुरम, सहारा गेट नंबर-2, ज्ञान डेयरी के आसपास सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली बाधित रहेगी। न्यू कैंपस उपकेंद्र के कमलबाद बड़ौली, न्याय विहार, आईआईएम रोड, रायपुर, महर्षिनगर, मुक्तकीपुर, बालाजी एन्क्लेव, नौवा खेड़ा, कमलानगर, मुस्लिमनगर, तिवारीपुर, सुंदर विहार, शुक्ला चौराहा, सैदपुर जागीर, नवीकोट नंदना, कोटवा, चंद्रकोदर इलाके की बिजली सुबह 10 से 11 बजे तक बाधित रहेगी। जानकीपुरम में सेक्टर 1 से 9 तक, साठ फीटा रोड, सुल्तानपुर गांव, खरगापुर गांव, शिवम सिटी, पिंक सिटी, केंद्रीय विहार, आयुष विहार, भगवती देवी विहार, देवी मंदिर, शौर्य विहार, सरस्वतीपुरम, जानकी विहार, सनसिटी की बिजली दोपहर 12 से 1:30 बजे बाधित होगी।



